Friday, 18 March 2011

विश्वाश का संकट .......    मध्यप्रदेश की विधानसभा में सवाल पूछकर गायब हो जाने वाले विधायकों का सवाल इस समय चर्चा में है। आखिर ऐसे आचरण से हम क्या संदेश देना चाहते हैं। जाहिर तौर पर इससे हम सदन की मर्यादा तो गिरी ही रहे हैं, गलत परंपराएं स्थापित कर रहे हैं।जाहिर तौर पर सब  माननीय  गलत नहीं भी हो तो भी अधिकांश   तो  गलत हे ही १पेसे लेकरसवाल पूछना और या  पेसे मिलने पर विधानसभा से गायब हो जाने की चर्चा की भी गूंज हे   इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने की बात भी विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी ने की है। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने इस प्रवृत्ति पर चिंता जताई है। अब इसके लिए एक समिति बनाने की बात भी कही गयी है। निश्चय ही इस आम हो रही आदत को रोकना जरूरी है। 12 दिनों के प्रश्नकाल में 64 विधायक ऐसे हैं जिन्होंने अपने प्रश्नों के उत्तर ही  नहीं सुने। निश्चय ही यह गंभीर चिंता का विषय है।यह मामला भी तभी आया हे जब सांसदों `को १०-१० करोड़ में खरीदेजाने की खबर से देश पहले से ही हतप्रद हे .......

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