बृजेश द्विवेदी
अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमे....
Wednesday, 16 March 2011
अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमे,
अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमे
,
कितना भी गहरा जख्म दे कोई
,
उतना ही ज्यादा मुस्कराने की आदत है हमें
...
और क्या कहे हम तो मरने को भी तैयार हे पर आँखे खुली रखेंगे देखने की आदत हे जो तुम्हे
...........
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